गौविवि–विश्वविद्यालये विश्वविद्यालय–सप्ताहस्य शुभारम्भः अभवत्
गुवाहाटीनगरम्, २३ फरवरीमासः (हि.स.)। गौहाटीविश्वविद्यालये राष्ट्रीयमूल्यांकन-प्रत्यायन-परिषदा ए+ मान्यतां प्राप्ते, सोमवासरात् युवशक्तेः उत्साहेन, सृजनशीलतायाः वर्णैः तथा क्रीडा–भावनायाः स्वरैः सह विश्वविद्यालय–सप्ताहस्य शुभारम्भः अभवत्। सृजनात्मकत
कृष्णचूड़ा नगरी में ‘विश्वविद्यालय सप्ताह’ की धूम  गुवाहाटी, 23 फरवरी 2026 : राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा A+ मान्यता प्राप्त गुवाहाटी विश्वविद्यालय में युवाशक्ति के उत्साह, सृजनशीलता के रंग और खेल भावना के सुरों के साथ सोमवार से विश्वविद्यालय सप्ताह का शुभारंभ हुआ। सृजनात्मकता, खेल प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता के सुंदर समन्वय के बीच यह आयोजन आरंभ हुआ।  उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय का ध्वज फहराते हुए कुलसचिव प्रोफेसर उत्पल शर्मा ने कहा, “विश्वविद्यालय सप्ताह केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह युवाशक्ति के आत्मप्रकाश का एक गौरवपूर्ण मंच है, जहां सृजनशीलता, खेल भावना और सांस्कृतिक एकता के समन्वय से विद्यार्थियों की सुप्त प्रतिभाओं को विकसित होने का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय सप्ताह एकता, अनुशासन और परिश्रम के मूल्यों को जागृत कर भावी पीढ़ी को जिम्मेदार और सृजनात्मक नागरिक के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।”  उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय सप्ताह के रोमांचक आठ दिनों के दौरान खेल, साहित्य, संगीत, नृत्य, ललित कला तथा अन्य विभागों के अंतर्गत क्विज, वाद-विवाद, एकांकी नाटक, कबड्डी, एकल अभिनय सहित सौ से अधिक प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।  कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के सचिव डॉ. हेमंत कुमार नाथ, सूचना एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रोफेसर शिखर कुमार शर्मा, छात्र कल्याण निदेशक डॉ. रंजन कुमार काकती, प्रोफेसर रातुल महंत, कुलपति के सचिव एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मृणाल ज्योति डेका, अन्य प्राध्यापकगण, स्नातकोत्तर छात्र संघ के अध्यक्ष गुंजन डेका, महासचिव प्रबल ज्योति शर्मा सहित अनेक अधिकारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।


कृष्णचूड़ा नगरी में ‘विश्वविद्यालय सप्ताह’ की धूम  गुवाहाटी, 23 फरवरी 2026 : राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा A+ मान्यता प्राप्त गुवाहाटी विश्वविद्यालय में युवाशक्ति के उत्साह, सृजनशीलता के रंग और खेल भावना के सुरों के साथ सोमवार से विश्वविद्यालय सप्ताह का शुभारंभ हुआ। सृजनात्मकता, खेल प्रतिभा और सांस्कृतिक विविधता के सुंदर समन्वय के बीच यह आयोजन आरंभ हुआ।  उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय का ध्वज फहराते हुए कुलसचिव प्रोफेसर उत्पल शर्मा ने कहा, “विश्वविद्यालय सप्ताह केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह युवाशक्ति के आत्मप्रकाश का एक गौरवपूर्ण मंच है, जहां सृजनशीलता, खेल भावना और सांस्कृतिक एकता के समन्वय से विद्यार्थियों की सुप्त प्रतिभाओं को विकसित होने का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय सप्ताह एकता, अनुशासन और परिश्रम के मूल्यों को जागृत कर भावी पीढ़ी को जिम्मेदार और सृजनात्मक नागरिक के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।”  उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय सप्ताह के रोमांचक आठ दिनों के दौरान खेल, साहित्य, संगीत, नृत्य, ललित कला तथा अन्य विभागों के अंतर्गत क्विज, वाद-विवाद, एकांकी नाटक, कबड्डी, एकल अभिनय सहित सौ से अधिक प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।  कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के सचिव डॉ. हेमंत कुमार नाथ, सूचना एवं प्रौद्योगिकी संकाय के डीन प्रोफेसर शिखर कुमार शर्मा, छात्र कल्याण निदेशक डॉ. रंजन कुमार काकती, प्रोफेसर रातुल महंत, कुलपति के सचिव एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मृणाल ज्योति डेका, अन्य प्राध्यापकगण, स्नातकोत्तर छात्र संघ के अध्यक्ष गुंजन डेका, महासचिव प्रबल ज्योति शर्मा सहित अनेक अधिकारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।


गुवाहाटीनगरम्, २३ फरवरीमासः (हि.स.)। गौहाटीविश्वविद्यालये राष्ट्रीयमूल्यांकन-प्रत्यायन-परिषदा ए+ मान्यतां प्राप्ते, सोमवासरात् युवशक्तेः उत्साहेन, सृजनशीलतायाः वर्णैः तथा क्रीडा–भावनायाः स्वरैः सह विश्वविद्यालय–सप्ताहस्य शुभारम्भः अभवत्। सृजनात्मकताया: क्रीडा–प्रतिभाया: तथा सांस्कृतिक–विविधतायाः रम्ये समन्वये अस्य आयोजनस्य आरम्भः कृतः।

उद्घाटन–समारोहे विश्वविद्यालय–ध्वजं आरोहयन् कुलसचिवः प्रो.उत्पल–शर्मा अवदत्—“विश्वविद्यालय–सप्ताहः केवलं उत्सवः न; अपि तु युवशक्तेः आत्मप्रकाशाय गौरवपूर्ण: मंच: वर्तते। अत्र सृजनशीलता, क्रीडा–भावना तथा सांस्कृतिक–एकतायाः समन्वयेन विद्यार्थिनां सुप्त–प्रतिभाः विकसितुं अवसरं लभन्ते। विश्वविद्यालय–सप्ताहः एकता–अनुशासन–परिश्रम–मूल्यानि जागरयन् भावी–वंशं उत्तरदायीं सृजनात्मकं नागरिकं च कर्तुं प्रेरयति।”

उल्लेखनीयम् यत् अष्ट–दिवसीये अस्मिन् मनोरञ्जके विश्वविद्यालय–सप्ताहे क्रीडा, साहित्य, संगीत, नृत्य, ललित–कला इत्यादिषु विभागेषु प्रश्नमंच:, वाद–विवादः, एकाङ्की–नाटकम्, कबड्डी, एकल–अभिनयः इत्यादिषु शताधिक–प्रतियोगितासु छात्राः छात्र्यश्च स्व–प्रतिभां प्रदर्शयिष्यन्ति।

कार्यक्रमे विश्वविद्यालयस्य विविध–संकायानां सचिवः डॉ.हेमन्त–कुमार–नाथः, सूचना–प्रौद्योगिकी–संकायाध्यक्ष: प्रो.शिखर–कुमार–शर्मा, छात्र–कल्याण–निदेशकः डॉ.रञ्जन–कुमार–काकती, प्रो.रातुल–महन्तः, कुलपतेः सचिवः एवं जनसम्पर्क–अधिकारी डॉ.मृणाल–ज्योति–डेका, अन्ये प्राध्यापकगणाः, स्नातकोत्तर–छात्र–संघस्य अध्यक्षः गुञ्जन–डेका, महासचिवः प्रबल–ज्योति–शर्मा तथा अनेके अधिकारिणः विद्यार्थिनश्च उपस्थिताः आसन्।

हिन्दुस्थान समाचार / अंशु गुप्ता